રહી રહી ને આવી રહી છે તારી,"યાદ"
એક "તુ" એક "હું" અને આપણી "મુલાકાત"..!!
Thursday, March 30, 2017
Wednesday, March 29, 2017
Tuesday, March 28, 2017
Monday, March 27, 2017
Sunday, March 26, 2017
સારી યાદશક્તિ
સારી યાદશક્તિ હોવી એ ભલે professionally તમારી strength ગણાતી હોય, પરંતુ personally એ તમારી weakness જ બનતી હોય છે..
Saturday, March 25, 2017
વક્તૃત્વ
વક્તૃત્વ ખાલી શબ્દોની પસંદગીમાં નથી,
પણ શબ્દોના ઉચ્ચારણમાં, આંખોમાં અને ચેષ્ટામાં જ હોય છે.
Friday, March 24, 2017
खुशियों
आपकी खुशियों में वे लोग शामिल होते हैं जिन्हें आप चाहते हैं, आपके दुख में वे लोग शामिल होते हैं जो आपको चाहते हैं |.
યાદ
પહેલું વ્યકિત જેને તમે સવારે યાદ કરો..
અને રાત્રે છેલ્લું વ્યકિત જેને તમે યાદ કરો છો.
એ કાંતો તમારી ખુશી નું કારણ છે,કાંતો તમારા દર્દ નું..
Saturday, March 18, 2017
Friday, March 17, 2017
Wednesday, March 15, 2017
"હું" ની ભૂખ..
"હું" ની ભૂખ,
આખ્ખે આખ્ખું "આપણને" ચરી ગઇ,
એકાંત અને એકલતા વચ્ચેનો ભેદ શોધવામાં,
જીંદગી સરી ગઇ...!!
Monday, March 13, 2017
_હોળી - ધુળેટી ની રંગભરી શુભેચ્છા_
એક મુઠ્ઠી ગુલાલ આપું છું , , ,
લે, ગુલાબી ધમાલ આપું છું . . .
મેં મને સાચવી ઘણાં વર્ષો , , ,
પણ તને અબ્બીહાલ આપું છું . . .
આપજે એક રંગમાં ઉત્તર , , ,
સપ્તરંગી સવાલ આપું છું . . .
તું મને લયની પાર લઇ જાજે , , ,
હું તને સૂર તાલ આપું છું . . .
હાથ ફેલાવ સામટું લઇ લે , , ,
ફાંટ બાંધીને વ્હાલ આપું છું . . .
_હોળી - ધુળેટી ની રંગભરી શુભેચ્છા_
Sunday, March 12, 2017
Saturday, March 11, 2017
श्री नृसिंह गायत्री मंत्र
श्री नृसिंह गायत्री मंत्र
ॐ उग्रनृृसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि तन्नोनृसिंह प्रचोदयात् ।
पूजा पश्चात एकांत में कुश के आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से इस श्री नृसिंह भगवान जी के मंत्र का जप करना चाहिए. इस दिन व्रती को सामर्थ्य अनुसार तिल, स्वर्ण तथा वस्त्रादि का दान देना चाहिए. इस व्रत करने वाला व्यक्ति लौकिक दुःखों से मुक्त हो जाता है भगवान श्री नृसिंह अपने भक्त की रक्षा करते हैं व उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.
नरसिंह मंत्र ।
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम् I
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम् II
ॐ नृम नृम नृम नर सिंहाय नमः ।
इन मंत्रों का जाप करने से समस्त दुखों का निवारण होता है तथा भगवान श्री नृसिंह की कृपा प्राप्त होती है.
श्री अथर्वण वेदोक्त नृसिंहमालामन्त्रः
श्री गणेशाय नमः |
अस्य श्री नृसिंहमाला मन्त्रस्य नारदभगवान् ऋषिः | अनुष्टुभ् छन्दः | श्री नृसिंहोदेवता | आं बीजम् | लं शवित्तः | मेरुकीलकम् | श्रीनृसिंहप्रीत्यर्थे जपे विनियोगः |
ॐ नमो नृसिंहाय ज्वलामुखग्निनेत्रय शङ्खचक्रगदाप्र्हस्ताय | योगरूपाय हिरण्यकशिपुच्छेदनान्त्रमालाविभुषणाय हन हन दह दह वच वच रक्ष वो नृसिंहाय पुर्वदिषां बन्ध बन्ध रौद्रभसिंहाय दक्षिणदिशां बन्ध बन्ध पावननृसिंहाय पश्चिमदिशां बन्ध बन्ध दारुणनृसिंहाय उत्तरदिशां बन्ध बन्ध ज्वालानृसिंहाय आकाशदिशां बन्ध बन्ध लक्ष्मीनृसिंहाय पातालदिशां बन्ध बन्ध कः कः कंपय कंपय आवेशय आवेशय अवतारय अवतारय शीघ्रं शीघ्रं | ॐ नमो नारसिंहाय नवकोटिदेवग्रहोच्चाटनाय | ॐ नमो नारसिंहाय अष्टकोटिगन्धर्व ग्रहोच्चाटनाय | ॐ नमो नारसिंहाय षट्कोटिशाकिनीग्रहोच्चाटनाय | ॐ नमो नारसिंहाय पंचकोटि पन्नगग्रहोच्चाटनाय | ॐ नमो नारसिंहाय चतुष्कोटि ब्रह्मराक्षसग्रहोच्चाटनाय | ॐ नमो नारसिंहाय द्विकोटिदनुजग्रहोच्चाटनाय | ॐ नमो नारसिंहाय कोटिग्रहोच्चाटनाय| ॐ नमो नारसिंहाय अरिमूरीचोरराक्षसजितिः वारं वारं | श्रीभय चोरभय व्याधिभय सकल भयकण्टकान् विध्वंसय विध्वंसय | शरणागत वज्रपंजराय विश्वहृदयाय प्रल्हादवरदाय क्षरौं श्रीं नृसिंहाय स्वाहा | ॐ नमो नारसिंहाय मुद्गल शङ्खचक्र गदापद्महस्ताय नीलप्रभांगवर्णाय भीमाय भीषणाय ज्वाला करालभयभाषित श्री नृसिंहहिरण्यकश्यपवक्षस्थलविदार्णाय | जय जय एहि एहि भगवन् भवन गरुडध्वज गरुडध्वज मम सर्वोपद्रवं वज्रदेहेन चूर्णय चूर्णय आपत्समुद्रं शोषय शोषय | असुरगन्धर्वयक्षब्रह्मराक्षस भूतप्रेत पिशाचदिन विध्वन्सय् विध्वन्सय् | पूर्वाखिलं मूलय मूलय | प्रतिच्छां स्तम्भय परमन्त्रपयन्त्र परतन्त्र परकष्टं छिन्धि छिन्धि भिन्धि हं फट् स्वाहा | इति श्री अथर्वण वेदोवत्तनृसिंहमालामन्त्रः समाप्तः | श्री नृसिम्हार्पणमस्तु ||