*कर्म करने की स्वतंत्रता हमें मिली है, पर कर्मों की ज़िम्मेदारी भी हमारी ही होती है।*
भगवद्गीता में भगवान स्पष्ट कहते हैं कि मनुष्य को कर्म करने का अधिकार है, पर उसके फल पर नहीं। जैसा कर्म किया जाएगा, वैसा ही फल प्राप्त होगा और उसे भोगना ही पड़ेगा।
#Karma
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